शोशियल नेट्वर्किंग पर प्रतिबंध क्यों ?......ATTACK ......
पाकिस्तान की भूमि से कारगिल युध्ध हो सके........
पाकिस्तान की भूमि से कश्मीर में युध्ध की परिस्थिति हरदम चलती रहे......
पाकिस्तान की भूमि से मुबई में आतंकी घटना पुरे विश्व को स्तब्ध कर दे......
पाकिस्तान की भूमि से आका ओ की सूचना पर देश के कई इलाको में बम्ब ब्लास्ट करवाये जाय.....
भारत महात्मा गांधी के असूलो से चलित न होते हुवे वार्तालाप के माध्यमो से बाते करते रहे....उम्मीद के साथ वो पडोशी धर्म निभायेगे.......
असफलता......कसाब को अपना नागरिक समझने से भी इन्कार करने वाले......
संसद पर हमले की साझिश से इन्कार करने वाले.......
अपनी धरती से आतंक फैलाने ISI को माध्यम बनाने वाले.....
शायद हिन्दुस्तान की शक्तियो को समझने के लिये शक्तिमान नहीं........
और हम......
हमारे कुछ सांसद के कहेने पर........
SMS-MMS पर हमने पाबंधी तो लगा दी.......लेकिन हम शायद यह सौचने पर मजबूर हो रहे है की आनेवाले समय में शोशियल नेटवर्किंग पर भी कुछ समय के लिये पाबंधी लगाईं जाय......क्यों ?
आज राष्ट्र के पूर्व प्रधानमंत्री शहीद राजिव गांधी के विचारों पर राष्ट्र के प्रमुख वर्तमान पत्र The Hindustan Times के एडिटोरियल में लिखा गया था........"राष्ट्र की औद्योगिक क्रांति में तो हम समय चूक गए लेकिन कोम्पुटर क्रांति में देश के विकास का पहिया कभी नहीं रुकेगा".......वही कोम्पुटर क्रांति के तहत आज भारतीय कोम्प्युटर इजनेर दुनिया में अग्रिम स्थान पर है......और हम.......
शोशियल नेट वर्किंग पर प्रतिबंध की सोच कर रहे है ?
आज हिदुस्तान में शोशियल नेट्वर्किंग पर बहुत राजनीति हो रही है.......यह राजनीति में हर कोई राजकीय पार्टी अपनी ताकत झोक रहा है.......लेकिन क्या यह सभी राजकीय पार्टिया राष्ट्र के सामने खतरा पैदा होने पर ऐक जुट हो कर दुश्मनों का सामना राष्ट्र के हितमे करने नाकाम है ?
पाकिस्तान अगर शोशियल नेट्वर्किंग के माध्यम से किसी भी राष्ट्र की शक्ति को कमजोर बनाना चाहता है तो हम शक्तिसभर बनने में सक्षम है......जरुरत पडने पर "सायबर बोम्ब" से हम पाकिस्तान में खतरे की घंटी बजा नहीं सकते ?.....अगर वह असूलो में विश्वास नहीं रखते तो याद रहे हमारा शामाजिक हमला बेहद परेशानी कर ने में सक्षम है.........
शोशियल नेटवर्किंग पर पाबंधी नहीं ATTACK की टीम आवश्यक है......
हमने शोशियल नेट्वर्किंग को शोशियल रखा है अगर कोई उसे असामाजिक कार्यवाही का माध्यम बना दे तो हमारी भावना "हमला" की ही होनी चाहिए.......
कोम्प्युटर युग में ऐक द्वार बंध करने से कई और दरवाजे खुलने की संभावना है.........
हम प्रवर्तमान युग का सही इस्तेमाल करे और आतंकी गतिविधि "सायबर" माध्यम से रोके.......
पाकिस्तान की भूमि से कारगिल युध्ध हो सके........
पाकिस्तान की भूमि से कश्मीर में युध्ध की परिस्थिति हरदम चलती रहे......
पाकिस्तान की भूमि से मुबई में आतंकी घटना पुरे विश्व को स्तब्ध कर दे......
पाकिस्तान की भूमि से आका ओ की सूचना पर देश के कई इलाको में बम्ब ब्लास्ट करवाये जाय.....
भारत महात्मा गांधी के असूलो से चलित न होते हुवे वार्तालाप के माध्यमो से बाते करते रहे....उम्मीद के साथ वो पडोशी धर्म निभायेगे.......
असफलता......कसाब को अपना नागरिक समझने से भी इन्कार करने वाले......
संसद पर हमले की साझिश से इन्कार करने वाले.......
अपनी धरती से आतंक फैलाने ISI को माध्यम बनाने वाले.....
शायद हिन्दुस्तान की शक्तियो को समझने के लिये शक्तिमान नहीं........
और हम......
हमारे कुछ सांसद के कहेने पर........
SMS-MMS पर हमने पाबंधी तो लगा दी.......लेकिन हम शायद यह सौचने पर मजबूर हो रहे है की आनेवाले समय में शोशियल नेटवर्किंग पर भी कुछ समय के लिये पाबंधी लगाईं जाय......क्यों ?
आज राष्ट्र के पूर्व प्रधानमंत्री शहीद राजिव गांधी के विचारों पर राष्ट्र के प्रमुख वर्तमान पत्र The Hindustan Times के एडिटोरियल में लिखा गया था........"राष्ट्र की औद्योगिक क्रांति में तो हम समय चूक गए लेकिन कोम्पुटर क्रांति में देश के विकास का पहिया कभी नहीं रुकेगा".......वही कोम्पुटर क्रांति के तहत आज भारतीय कोम्प्युटर इजनेर दुनिया में अग्रिम स्थान पर है......और हम.......
शोशियल नेट वर्किंग पर प्रतिबंध की सोच कर रहे है ?
आज हिदुस्तान में शोशियल नेट्वर्किंग पर बहुत राजनीति हो रही है.......यह राजनीति में हर कोई राजकीय पार्टी अपनी ताकत झोक रहा है.......लेकिन क्या यह सभी राजकीय पार्टिया राष्ट्र के सामने खतरा पैदा होने पर ऐक जुट हो कर दुश्मनों का सामना राष्ट्र के हितमे करने नाकाम है ?
पाकिस्तान अगर शोशियल नेट्वर्किंग के माध्यम से किसी भी राष्ट्र की शक्ति को कमजोर बनाना चाहता है तो हम शक्तिसभर बनने में सक्षम है......जरुरत पडने पर "सायबर बोम्ब" से हम पाकिस्तान में खतरे की घंटी बजा नहीं सकते ?.....अगर वह असूलो में विश्वास नहीं रखते तो याद रहे हमारा शामाजिक हमला बेहद परेशानी कर ने में सक्षम है.........
शोशियल नेटवर्किंग पर पाबंधी नहीं ATTACK की टीम आवश्यक है......
हमने शोशियल नेट्वर्किंग को शोशियल रखा है अगर कोई उसे असामाजिक कार्यवाही का माध्यम बना दे तो हमारी भावना "हमला" की ही होनी चाहिए.......
कोम्प्युटर युग में ऐक द्वार बंध करने से कई और दरवाजे खुलने की संभावना है.........
हम प्रवर्तमान युग का सही इस्तेमाल करे और आतंकी गतिविधि "सायबर" माध्यम से रोके.......