Pages

Thursday, 27 September 2012

हमें गुजरात बनाना है.............

"ગુજરાત પ્રજા વિકાસ દર્શન-૨૦૧૨".....કિશાનો અને વીજળી ........

@ગુજરાત ના ખેડૂતોને ૧૬ કલાક ગુણવત્તા વાળી વીજળી અને દિવસે પ્રાધાન્ય......
@પાંચ હોર્સ પાવરથી ૧૦૦ હોર્સ પાવરના સોલાર પાવર અને વિંડ પાવરથી ચાલતા પંપ માં ૯૦% ની સબસીડી........
@ગુજરાત માં વીજળી માટે વર્ષોથી વલખા મારતા ૧૦ લાખ કિશાનો ને વીજ જોડાણ......
@૧૮,૦૦૦ ગામોમાં સોલાર સ્ટ્રીટ લાઈટ.....ઘર વપરાશ માં પ્રથમ ૫૦ યુનીટ વિના મુલ્યે અને વીજ કરમા ૧૦% ઘટાડો......
@દરેક ગ્રામ પંચાયત માંથી વિના મુલ્યે ૭-૧૨ અને ૮ ના ઉતારા.....
.
@કિશાનો ને રોઝ અને ભુંડ ના ત્રાસ માંથી મુક્તિ માટે ખાસ પ્રોજેક્ટ.....
@મગફળી ઉગાડતા ખેડૂતો ને પોષણક્ષમ ભાવ અને સિંગતેલ વાપરતા ઉપભોક્ત્તાઓને સસ્તા તેજ માટે આયોજન
@ગુજરાતના ખેડૂતોને વીજ કનેકશન મેળવવામાં સમગ્ર ગુજરાત માંથી ડાર્ક ઝોનની નાબુદી
@કપાસ બટાટા અને ડુંગળી જેવા પાકોમાં ખેડૂતોને પોષણક્ષમ ભાવ મળે તે માટે માર્કેટ ઇન્ટરવેશન કરવા રૂપિયા ૧૦૦૦ કરોડનું કોર્પસ કરશે
@નર્મદા કમાંડ વિસ્તારમાં ૧૮ લાખ હેકટર જમીનમાં ખેડૂતોને સિચાઈ નું પાણી આપવા ત્રણ વર્ષમાં ૭૪,૬૦૦ કી.મી. લાંબુ કેનાલ નેટવર્ક પૂર્ણ કરાશે..
@નર્મદા યોજનામાં ચોમાસા દરમ્યાન દરિયામાં વહી જતા વધારાના ત્રણ મિલિયન એકર ફીટ પાણી ઉત્તર ગુજરાત-સૌરાષ્ટ્ર- અને કચ્છ ને એક મિલિયન એકર ફીટ પાણી ફાળવીને વર્તમાન ડેમો અને તળાવો ભરી દેવાશે........
@વીજ ચોરી ના નામે ખેડૂતો ઉપર થયેલ ફોજદારી કેસ પાછા ખેંચી ને ખેડૂતો સાથે માનવીય અભિગમ અપનાવાશે.......
@પાણી ઉપરનો અધિકાર ખેડૂતો નો અગ્રીમ રહેશે, અને વીજ બિલ ન ભરનાર ખેડૂતોને પાણી વેરા ઉપરના બિલ માફ કરાશે.....
@ગૌચરની જમીન ઉપર પશુપાલકો નો અધિકાર....પડતર તથા ડુંગર ની જમીનો પશુ નિર્વાહ માટે અપાશે......
@હાલ ગ્રીન હાઉસમાં થી પાવર કનેક્શન અપાય છે તે ઓદ્યોગિક ભાવ થી અપાય છે તે કૃષિ ધોરણે અપાશે.....
@બંધ થતા જતા ગુજરાત એગ્રો ને પુન: ધમધમતું કરાશે.......
@બાગાયત જમીન ઉપર ભારત સરકાર ની ૨૦% સબસીડી માં વધુ ૨૦% સબસીડી ગુજરાત સરકાર આપશે.......
______________________________________________________
કિશાનો ને પ્રાધાન્ય પાણી અને વીજળી અમારું ધ્યેય.......કોંગ્રેસ પ્રમુખ શ્રી અર્જુન મોઢવાડીયા..
કિશાનો ને સરકાર ભૂલી છે, અમે ભૂતકાળ માં પણ અમારી કરોડ રજ્જુ સમજતા હતા અને ભવિષ્ય માં અમારી નેમ છે.....કિશાન ભાજપા ને કાઢે, અમે મીટર કાઢશું.......વિધાનાભા કોંગ્રેસ પક્ષ ના નેતા શ્રી શક્તિસિંહ ગોહિલ.
૧૨-૧૫ વર્ષ માં જે ગુજરાત રહ્યું નથી તે ગુજરાત અમે પાછુ લાવીશું....શંકર્સિંહજી વાઘેલા.

Thursday, 20 September 2012

मोदी के जुठ का पर्दाफाश.............................


मोदी मानसिक संतुलन एवं भाषा की शालीनता खो चुके हे ! अभद्र भाषा का प्रयोग मोदी की कार्यशैली बन चुकी है" ! : केंद्रीय मंत्री श्री आनंद् शर्मा .
रिटेल में एफडीआई ,गौ माँस निकास ,डी
ज़ल ,एन आइ डी ,धोलेरा स्पेसिअल इन्वेस्टमेंट रीजन, टेक्सटाइल नीति ,कोटन एक्सपोर्ट जेसे नीतिगत मुद्दों पे चर्चा की एवं मोदी द्वारा गुजरात में जिस तरह से शालीनता हिन् भाषा में केन्द्र सरकार ,
डॉ.मनमोहनसिंह ,सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी के खिलाफ अपप्रचार होता हे उसकी कड़े शब्दों में आलोचना की !!
-----------------------------------------------------
**** राजनितिक चर्चा :
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने गुजरात प्रदेश काग्रेस कार्यालय राजीव गाधी भवन में बुधवार को गुजरात के मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी पर टिप्पणी करने के लिए आलोचना की और कहा, ‘‘मोदी धबराए हैं और अपना संतुलन खो चुके हैं.’’
शर्मा ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘राहुल गांधी के बारे में टिप्पणी की गई थी कि उन्हें दूसरे देश(विदेश/इटली) से चुनाव लडना चाहिए, क्यों?? इस देश की जनता ने उन्हें लाखो मत देके निर्वाचित किया है. ये टिप्पणियां गैर जरुरी हैं और यह दर्शाता है कि मोदी उद्विग्न(Anxious/Jealous) हैं और अपना संतुलन खो चुके हैं.’’ 
शर्माजी ने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने कभी नहीं कहा कि वह भारत का प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं. उन्होंने अपने कार्य को जनता और संगठन को समर्पित किया है. वह ऐसे नेता हैं जो तीन-चार लाख मतों के अंतर से निर्वाचित होते हैं.’’ शर्मा ने कहा, ‘‘अगर मोदी वाकई अपना संतुलन खो चुके हैं तो यह न सिर्फ गुजरात के लिए बल्कि पूरे देश के लिए बेहद गंभीर मामला है.’’
शर्मा ने कहा, ‘‘मैं उन्हें एक सलाह देना चाहूंगा. अगर वह सोचते हैं कि उनका कद इतना बडा है, उनकी विचारधारा महान है, तो यद्यपि मैं उन्हें देश के बाहर जाने का सुझाव नहीं दूंगा क्योंकि वह कुछ देशों में जाने में सक्षम नहीं होंगे, उन्हें चुनाव लडने के लिए उत्तर प्रदेश या बिहार जाने दें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गुजरात में चुनाव लड सकते हैं और जीत भी सकते हैं. लेकिन अगर वह (मोदी) बिहार से चुनाव लडने का साहस करते हैं तो उन्हें सोचना चाहिए कि नीतीश कुमार कैसे प्रतिक्रिया व्यक्त करेंगे!!
आनंदजी ने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों में कुछ सार्वजनिक टिप्पणियां की गईं जो लोकतंत्र के लिए सही नहीं हैं. चर्चा और आलोचना अच्छी बात है, परंपरा है लेकिन किसी की आलोचना करते वक्त हमें मर्यादा और गंभीरता को नहीं भूलना चाहिए. नरेंद्र मोदी इसे भूल गए हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं उस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहूंगा जैसी भाषा का प्रयोग मोदी ने किया क्योंकि वह न तो मेरी और न ही कांग्रेस की संस्कृति में है. असम्मानजनक और गलत भाषा, बयान का बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा है. यह रोज की बात हो गई है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘मोदी के साथ समस्या है कि वह खुद को जरुरत से ज्यादा प्रोजेक्ट करते हैं. हर व्यक्ति को अपनी हदें जाननी चाहिए.’’ !
स्वामी श्री विवेकानंदजी के नाम पर मोदी के प्रचार करने पर आपत्ति जताते हुए शर्मा ने कहा, ‘सरकारी खर्चे पर की जा रही इस यात्रा में अगर मोदी विवेकानंद के मूल्यों को आगे बढाते और उनकी भाषा में पूरी ईमानदारी और विनम्रता के साथ बोलते तो वह युवा पीढी तक कुछ संदेश पहुंचाते. लेकिन वह अपनी राजनीति का संदेश फैला रहे हैं और विवेकानंद ने जिन मूल्यों की आकांक्षा रखी थी उससे इसकी कोई साम्यता नहीं है.’’
शर्माजी ने कहा, ‘‘अगर वह राजनैतिक मुद्दों पर प्रचार करना चाहते हैं तो उन्हें गांधीजी, सरदार पटेल, नेहरु और मौलाना आजाद जैसी हस्तियों की तस्वीरें रखनी चाहिए और तब उन्हें राजनीति के बारे में बात करनी चाहिए.’’ मोदी राज्य में ‘स्वामी विवेकानंद युवा विकास यात्रा’ निकालकर प्रचार कर रहे हैं वोह गलत बात हे !!
शर्माजी ने कहा, ‘‘वह हमेशा अपनी छवि बदलना पसंद करते हैं. कभी उनकी तस्वीर ओवरकोट में देखेंगे, भले ही गुजरात में बहुत ठंड न हो, कभी कोट, मफलर और टोपी के साथ हाथ में गोल्फ स्टिक लिए हुए देखेंगे. अगर वह वाकई गोल्फ खेलना जानते हैं तो मुझे खुशी होगी.’’ मंत्री कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि उनका असली चेहरा, सोच और विचारधारा को राज्य की जनता के समक्ष रखा जाएगा.’’

**** नीतिगत चर्चा :
-----------------------------------
- मोदी को सरकारी तिजोरी का उपयोग राज्य के लिए करना चाहिए ना की अपनी खुदकी यात्राओं में . वह फंड राज्य के सोसियो इकोनोमिक इंडेक्स को ऊँचा लाने में होना चाहिये ..उन्हों ने संवादाताओ को बताया की “गुजरात में गरीबी रेखा के निचे जीनेवाले लोगो का प्रमाण २००१ में ३१.०८% था जो अब २०११ में बढ़ कर ३९.५% हो गया हे . ऐसे ही गुजरात में साक्षरता दर ७९ % हे जब की केरल में ९४% महाराष्ट्र में ८३% ,मणिपुर एवं तमिलनाडु में ८०% और दिल्ही में ८६% हे..
- केन्द्र सरकार गुजरात का अहित कर रही हे ऐसी छवि मोदी द्वारा बनाइ गयी हे वोह बिलकुल धोखाधड़ी/चीटिंग हे !
उन्हों ने दावा किया की “हर एक राज्य एवं केन्द्र के हित का ध्यान रखते हुए हमने निकास (एक्सपोर्ट) नीति बनाइ हे. राष्ट्र ने २०११ -१२ में कोटन (कपास) की बड़ी मात्र में निकास की हे और उसका लाभ सबसे अधिक मात्र में गुजरात के किसानो को हुआ हे उस बात का मुझे आनंद हे और गर्व भी. एनडीए के शासनकाल में निकास की मात्र बहोत कम थी.
- गुजरात के धोलेरा में स्पेसिअल इन्वेस्टिगेशन रीजन की मंजूरी भी केन्द्र सरकार ने ही दी हे !
गुजरात में केन्द्र सरकार द्वारा रु.७९० करोड के इन्वेस्टमेंट से स्पेसिअल इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल प्रोजेक्ट की योजना पे भी काम चालू हो गया हे. यह प्रोजेक्ट के अंतर्गत केन्द्र सरकार ने हाजिरा ,सूरत और कच्छ में स्पेसिअल पार्क को मंजरी दी हे . यह प्रोजेक्ट से गुजरात में २९००० प्रत्यक्ष एवं ८०००० परोक्ष रोजगारी मिलने जा रही हे ! 
- मंत्री श्री आनंद शर्मा गांधीनगर में एनआईडी(NID)के पोस्ट ग्रेज्युएट केम्पस का उद्घाटन करने आये थे.उन्होंने कहा की टुंक समय में एन आई डी बिल को केबिनेट मंजूरी देने वाला हे उसके बाद एनआईडी सेंटर ऑफ एक्स्सेलंस बन जाएगा! जेम्स एंड ज्वेलरी तथा ऑटोमोबाइल डिजाइन सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे ताकि उन सेक्टरो को बढ़ावा मिलेगा ...
- गुजरात सरकार का गौ-मांस निकास का आरोप निराधार है. यूपीए सरकार ने एनडीए सरकार की नीति में कोई बदलाव नहीं किया है.. उल्टा गौ-मांस निकास और इसके स्रोत दर्शाने संबंधी नियम कड़े किए हैं. मोदी सरकार ने तो गुजरात में गौ’चर और खेत भी बेच डाले हैं...
- एफडीआई (FDI) एवं डीज़ल कीमत की रोलबेक करने के किसी पत्रकार मित्र के सवाल पे उन्हों ने कह दिया की “हम आर्थिक सुधारना के मुद्दे से पीछे नहीं हटेंगे क्यों की हम ‘रोलबेक’ शब्द में मानते नहीं हे यह (एफडीआई) निर्णय हरेक राज्यों के साथ विचार विमर्श करने के बाद लिया गया हे.” इसीलिए एफडीआई के मुद्दे को लागू करने की बात राज्यों पे निर्भर रखी हे...
- रिटेल में एफडीआई को भाजपा/एन डी ए के शासन काल में केबिनेट नोट द्वारा तैयार किया गया था जो २००४ के चुनाव में वह सरकार का पतन होते ही उसपर कार्यवाही अधूरी रह गइ थी .यदि भाजपा संसद को चलने देता तो में वह दस्तावेज एवं जरुरी सत्य वही पे पेशकश करता एवं अभी भी करने के लिए तैयार हू ...

(खास नोंध :में मौलिन शाह खुद इस प्रेस कोंफर्न्स में हाजिर था .श्री आनंद शर्मा एक प्रभावशाली प्रवकता एवं मंत्रालय के विषय में माहिर व्यक्ति हे उनकी बोडी लेंग्वेज, कोंफिडंस, जोश, जूनून, कोमर्स एवं मेक्रो/माइक्रो इकोनोमी का नोलेज तथा रजुआत करने की शक्ति अद्भुत थी. एक या दो संवादाता के अलावा किसी ने कोई प्रश्न नहीं किया था क्यों की एक भी पॉइंट उनकी प्रेस कोंफरंस की स्पीच में छूटा नहीं था..ऐसे ही प्रभावशाली राष्ट्रीय नेता को गुजरात के चुनावी माहोल में मोदी के जूठे एवं गोबेल्स प्रचार का सामना करने और कोंग्रेस संगठन को गाइड करने के लिए आना चाहिए एसी चर्चा प्रदेश कोंग्रेस कार्यालय में पुरे दिन होती रही थी !!) 
(ली. मौलिन शाह , अहमदाबाद ..)

Tuesday, 18 September 2012

મણીનગર વિધાનસભા...........

છેલ્લા ૧૦ વર્ષ થી મણીનગર વિધાનસભા મતવિસ્તાર માં થી નરેન્દ્ર મોદી ચુંટણી જીતી રહ્યા છે.......માત્ર કોંગ્રેસ પક્ષ ની ઉમેદવાર ની પસંદગી ...........
શા માટે ?...........પસંદગી કરી યતીન ઓઝા ની.......
યતીન ઓઝા કોણ છે ?.............એક સમય નાં ભાજપા નાં ધારાસભ્ય.....જેની વિચારધારા જ માત્ર ભાજપા ની તે ને કોંગ્રેસ નાં ઉમેદવાર બનાવી શકાય ? ભાજપા થી વિખુટા પડેલ એક નેતા ને કારણે યતીન ઉમેદવાર બન્યા....મોદી ની જીત નિશ્ચિત બની......અને યતીન પાછા ભાજપા માં ગયા.......
કોંગ્રેસ પક્ષ નાં સનિષ્ઠ કાર્યકર અને સૌમ્ય પ્રકૃત્તિ ધરાવતા કેન્દ્રીય મંત્રી શ્રી દિનશા પટેલ ઉપર કળશ ઢોળાયો......આંધી-તુફાન અને જુઠ્ઠાણા ની વચ્ચે દિનશા ?
જ્યાં કોઈ સિધ્ધાંત નથી....ખોટું જ કહેવું જેનો મેનિફેસ્ટો છે......ભ્રષ્ટાચાર નો વ્યાપક પૈસો છે.....સત્તા નો દુર-ઉપયોગ જેની મહત્વકાંક્ષા છે....જોર થી બોલવું અને જુઠ્ઠું બોલવું જેની આવડત છે.....તેની સામે એક ખાદીધારી.!!!
આ એ જ મણીનગર છે જ્યાં સાચા સ્વરૂપ નો ગરીબ પણ કોંગ્રેસી સ્વ.રામલાલ રૂપલાલ પણ ચુંટાતા હતા.....મણીનગર માં કોંગ્રેસ નો દબદબો હતો....પણ મોદી ની જીત અમારી ભૂલો બની.......
રાજકોટ ની પેટા  ચુંટણી માં પહેલી વખત અમે ખાનદાન ને ઉમેદવાર બનાવ્યા.....હાર્યા, બીજી વખત પાખંડી ઉમેદવાર બન્યો પણ નિયત ન હતી....હાર્યો....ત્રીજી વખત રાજકારણ નો ખેલાડી અનુભવી પણ શાંત અને સૌમ્ય હાર્યો........એક પુરુષ નાં બધા સ્વરૂપ ની હાર તો માત્ર રાક્ષસ જ કરી શકે.......
હવે કોણ ???
માનવ હત્યારો....પાખંડી-ભ્રષ્ટ-જુઠ્ઠો-અને સિધ્ધાંત વિહીન રાજકારણી મોદી ને પરાસ્ત કરવા ની શક્તિ કોના માં ?
સિદ્ધાંતો છોડી, જેવા ની સાથે તેવા બની શકનાર જ ઉમેદવાર બની શકે........કોઈક કારણોસર પ્રસિદ્ધિ મળી હોય અને આવા ગુણો નો સમન્વય હોય તો સ્વીકૃત......
પ્રસિદ્ધ ડોક્ટર-વકીલ-સમાજ સેવી કે નિવૃત પોલીસ અમલદાર કે ગાંધી-સરદાર નાં પરિવાર જનો શું આ મહાકાય જુઠ્ઠા ને પરાસ્ત કરવા જનતા ને આકર્ષી શકશે ?
બાકી તો યતીનો ઘણા મળે છે........મણીનગર મણીનગર ની પ્રતિષ્ઠા ગુમાવી રહ્યું છે........ભલે મુખ્યમંત્રી હોય પણ આબરૂ ના નામે .....૦૦૦૦૦૦.

Saturday, 8 September 2012

जूठ बोले कौवा काटे.....काले कौवे से डरियो..............

जूठ बोलना मेरा काम है......मैंने कभी सत्य की राह को तरक्की का मार्ग नहीं समझा......हिसा मेरा कर्तव्य है......अहिंसा से कुछ प्राप्त नहीं होता......
गांधी के गुजरात में मेरी सोच  आज विजय की और मुझे ले गई.....तो मै क्यों गोडसे की कार्यशैली से सहमत न रहू ? गांधी युग की समाप्ति हो चुकी है........
यह सोच-और सोच आधारित कार्य ही जिनके जीवन का मक्षद है वह है नरेंद्र मोदी.......
मै अविवाहित हु..........गलत.
मै नवनिर्माण -१९७४ गुजरात आन्दोलन से नेतृत्व के रूप से जुड़ा हुवा था........गलत.
सन्दर्भ........
http://en.wikipedia.org/wiki/Narendra_Modi#Early_activism_and_politics
अविवाहित और विवाहित में बड़ी लम्बी बहस चली है......२००७ के विधानसभा चुनाव का पर्चा भरने पर "अविवाहित"बताया......और  GOOGLE पर विवाहित......
एक सादी-शुदा औरत जो अपनी पत्नी है और बनासकांठा के तेनिवादा गाव में शिक्षिका के रूप में कार्यरत है क्यों उसका स्वीकार नहीं ?....यह बाते तो व्यक्तिगत जीवन  की बात है .....लेकिन मै जिस बात से तालुकात रखता हु ......नवनिर्माण-१९७४ आन्दोलन .....जिसका नेतृत्व करने का दावा करने वाला नरेंद्र कौन था १९७४........ज़रा पहेचानिए..........
अपने बड़े भाई सोमभाई का कोंट्राक्ट था वह अहमदाबाद के गितामंदिर स्थित राज्य मार्ग वाहन व्यवहार के बस अड्डे पर केंटिन में कार्यरत एक कर्मचारी......चाय बटोरने का काम....
अगर वह नवनिर्माण आन्दोलन में शामिल थे तो ३,जनवरी १९७४ से १७ मार्च १९७४ तक गुजरात के किसी भी वर्तमानपत्र में प्रसिध्ध मोदी अपने नाम और कार्य की कृपया बात प्रसिध करे........भ्रष्टाचार के विरुध्ध का जंग......महेंगाई के विरुध्ध की आवाज में मोदी की आवाज कही नहीं थी.......नवनिर्माण से क्या पाया.......
(१) भ्रष्ट सरकार का पतन..........(२)भ्रष्ट विधायको से भरी विधानसभा भंग........(३)जयप्रकाश जी ने गुजरात से उठी आवाज को बिहार में उठाया.....(४)असफल रहेने पर यह आवाज बुलंद बनाई....(५)नतीजा इमर्जन्सी......(६)राष्ट्रीय नेतृत्व जेल में बंध.......(७)१९७५ गुजरात विधानसभा चुनाव.....(८) पहेली मर्तबा विरोध दल ने बनाया "जनता मोर्चा" नामक संगठन (९)बहुमत किसी पार्टी को न मिलने पर "नवनिर्माण" का आरम्भ जिस की वजह से हुवा वो उस समय के भ्रष्ट  मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बनाई गई पार्टी के सहयोग से जनता मोर्चा ने सरकार बनाई...... 
आज मोदी दावा कर रहे है वो सरासर जूठ है.......वो कभी जनता के नेता थे ही नहीं......हां , जब पुरे देश में जनता मोर्चा /जनता पार्टी  या जनता पक्ष  का प्रयोग असफल रहा तो नारंगी का छिलका निकालने पर पेशी या अलग हो जाती है इसी तरह एक पेशी का नाम भारतीय जनता पार्टी बना.........
धर्म आधारित कोमवाद को रूप देने से ही सत्ता हांसल होगी वह जिसका कर्तव्य था वो RSS का एक सिपाही भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व को बाजू पर रखके गुजरात का मुख्यमंत्री बना........विधायको द्वारा चुना हुवा यह मुख्यमंत्री नहीं था.......फिर २००२ में मोदी का कार्य शरु हुवा........दुनिया जानती है........
अगर वह नवनिर्माण के नेता थे तो (१) शहादत के शहीद परिवारों के पेंशन में १५ साल में कोई बढ़ोतरी क्यों नहीं ? (२) शहादत की याद को अमर बनाने १५ साल में शहीद स्मारक क्यों नहीं ?...................
जूठ समझो.........यह सिर्फ जनता को गुमराह करके अपनी सत्ता ऊपर चिपकने वाली छिपकली से ज्यादा कुछ नहीं..................
अगर वह कोई चेलेंज करना चाहता है तो हर बात का स्वीकार है..........आज अभी एक गीत की आवाज मै सुन रहा हु......
"सजन रे जूठ मत बोलो......खुदा के पास जाना है.........न हाथी है न घोड़ा है.......वहा तो पैदल ही जाना है............

ગુટકા જશે !!!

ગુટકા હવે બંધ થશે.....................
ગુટકા વેચનાર ને આકરી સજા થશે........
ગુટકા છોડનાર મને SMS કરે..:મોદી...
ગુટકા પ્રતિબંધ નો વિચાર જનહિતમાં કાયદો બન્યો છે........................
બધી જ વાત સ્વીકારી, ગુટકા ઉપર નો પ્રતિબંધ આવકારદાયક છે....પણ કોઈ સમજે છે કે પછી બસ લાગી જ પડવું છે.......જેમ ગુજરાત નાં વિકાસ ની વાત.....
મેં પોતે ૨૦ વર્ષ કલકત્તી-નવરત્ન કીમામ-૧૬૦ નાં પાન ખાધા છે........મેં ૭ વર્ષ તંબાકુ વાળા ગુટકા ખાધા છે......અને આજે પણ પાન મસાલા નાં નામે વેચાતા "માણેકચંદ સાદી" તરીકે ઓળખાતા ગુટકા ખાવ છું............
પાન નાં ગલ્લે પુછુ છું કે ભાઈ આ મસાલા ગુટકા બંધ થશે કે નહિ ? જવાબ મળે છે "નાં".................અને મને વિચારો આવે છે......
એ જ ગલ્લે "૦૦"નંબર ની તમાકુ ની ટેટ્રા પેક પડીકી મળે છે.....સાદા ગુટકા મળે છે.....બંને ભેગા કરીએ તો પ્રતિબંધિત ગુટકા જ થાય.......તો પ્રતિબંધ નો અર્થ શું ?
ગુટકા.........હાનીકારક કેમિકલ્સ નો ઉપયોગ થતો હોવાથી સ્વાસ્થ્ય માટે હાનીકારક છે.......
મસાલા ગુટકા..............તેમાં પણ તે જ હાનીકારક તત્વો છે....માત્ર નથી તંબાકુ.
તંબાકુ:............કોઈ પ્રતિબંધ નથી, જોઈએ તેટલી અને જોઈએ તે પ્રકારના પેકીંગમાં ઉપલબ્ધ છે.....
કેટલાક ડોક્ટર મિત્રો......કેટલાક તમાકુ નું સેવન કરનારાઓ......અને મોદી જે કહે-કરે તે સાચું જ તેમ ન સમજનાર મિત્રો........
મારે સમજવું છે કે "ગુટકા ઉપર પ્રતિબંધ" એટલે શું ?
ગુજરાત સિવાય ગુટકા પ્રતિબંધિત  કરતો કાયદો મહારાષ્ટ્ર માં અમલ માં છે જ પણ ત્યાં તમાકુ વાળા કે વગરના પણ કોઈ પણ પ્રકારના ગુટકા ઉપર જ પ્રતિબંધ છે......મહદ અંશે સારી વાત પણ જ્યાં સુધી તમાકુ ઉપર જ પ્રતિબંધ ન આવે ત્યાં સુધી બધી જ વાત વાહિયાત....
ખેડૂતો તમાકુ પકવે......અને પાક નિષ્ફળ જાય તો સરકાર અને બેંકો તેને સહાય કરે..........અને ઉપભોક્તા માટે પ્રતિબંધ ?
સિગારેટ પીવી એટલે કેન્સર ને નિમંત્રણ.......આવું છાપ્યા બાદ જ સિગારેટ નું વેચાણ થઇ શકે છતા સિગારેટ નાં વેચાણ માં કોઈ ફેર પડ્યો ?
બીડી પીનાર મોટા ભાગે અશિક્ષિત છે તે શું બીડી ની ગડી ઉપર વાંચશે ?
વધતી જતી વસ્તી ને નિયંત્રિત કરવા આપણે "નિરોધ"નું વિતરણ મફત કરતા રહ્યા છીએ.....તો ધુમ્રપાન છોડવા માટે આવતી ચિગમ  કેમ મફત નથી વેચતા ?
વધતી વસતી એ ભાર છે -ખર્ચ છે............ધુમ્રપાન કે તમાકુ આવક છે........
મોદી ઓ ગુટકા પ્રતિબંધ નાં તાયફા કરશે.......અને તેમાં ભ્રષ્ટાચાર વધતો રહેશે.......પછી અન્ના ભ્રષ્ટાચાર વિરોધી આંદોલનો દ્વારા અને રામદેવ કાળા નાણાં જેવા આંદોલનો માટે મેદાને પડશે....અને આપણે ગાંડા થઇ તેમાં જોડાતા રહેશું.........પણ કોઈ માઈ નો લાલ દેશ માં થી તમાકુ પ્રતિબંધ અને પરમીટ દ્વારા જ સિગારેટ નાં વેચાણ માટે આંદોલન નહિ કરે.........એમને દેશ નાં સ્વાસ્થ્ય ની જ પરવા છે....જનતા નાં નહિ.......
હવે દરેક ગલ્લે તમાકુ મસાલા ગુટકા માં ભેળવવા માં આવશે અને નાના-નાના ઓદ્યોગિક એકમો થશે........પણ ટેવ અને આદત નો બંધાણી તો તેના નશા માં મસ્ત રહેવાનો.......
યાદ રાખજો ઓક્ટોબર-૨૦૧૨ માં સિગારેટ નું વેચાણ વધી જશે અથવા ફ્લેવર્ડ તમાકુ નું વેચાણ વધી જશે.............
કહે છે ને કે કાયદા માં પણ છટકબારી હોય છે !!!!!!!!!

Monday, 3 September 2012

अडवानी जी सांसद बन के रहो....सर्मुखात्यार नहीं.......

.संसद नहीं चलेगी........
संसद चलने से पहेले प्रधानमंत्री इस्तीफा दे......भाजपा की निति ने आज देश के संविधान को बाण में लिया है.......
हमारे सांसद श्री एल.के.अडवानी से कुछ सवाल........
आप गुजरात की राजधानी  गांधीनगर से संसद में हमारे प्रतिनिधि हो, और आप की उम्र भी हो चुकी है तो क्या आप को जल्दी से प्रधानमंत्री बनना चाहते है ?....
क्या जनता भाजपा के साथ नहीं वह आप जान चुके हो ? क्या संविधान की सबसे बड़ी संस्था को बान में लेना आपकी शोभा है ?
आप में और अफझल गुरु में क्या तफावत ? वह संसद पर बाहर से हमला कर रहा है और आप अन्दर से ?.....गुजरात भाजपा ने उधार लिया हुवा राज्यसभा के भाजपा के नेता अरुण जेटली तो अपनी महत्वकांक्षा पूर्ण करने गुजरात को चाहे कितना भी कलंकित करे आप क्यों लगे हो इस घिनौनी हरकतों में ?
हमने आप को जित दी....नहीं के अपने ख्वाबो को पूर्ण करने........आप को जनता की समस्या उजागर करनी है......
CAG की रिपोर्ट सभी सही नहीं होती.....आपके अरुण जेटली का बयान......
CAG की गुजरात सरकार के खिलाफ की रिपोर्ट सही नहीं और कोयला आवंटन पर सही ?...आप को जो सही लगे उसे हमें स्वीकारना है ?....
यह गुजरात है Mr अडवानी......आपकी लाडली बेटी नरोड़ा पाटिया काण्ड में गुनहगार बन चुकी है.....२८ साल जेल में रहेगी.....ज़रा उसका सोचो. की आप कितने जिम्मेवार है इस सजा के लिए ? गुजरात अधिकार में झुकती नहीं...... हांसिल करती है......आप भाजपा वाले रावण के रुपमे बहुमुखिया हो.....राष्ट्र का सबसे स्वच्छ राजपुरुष डो.मनमोहनसिंह को कोयला आवंटन के नामसे कलंकित करने से पहेले आप ने मोदी की सोच नहीं की थी.....मोदी की भ्रष्ट  नीतिया के आप भागीदार नहीं रहे? चोर बन के रक्षक को बदनाम करने चले हो ? सांसद के रुपमे जनता की आवश्यकता पूर्ण करने आप को मिल रही ग्रांट में आपने आपके साथिओ के माध्यम से कितना गफला किया है वह जानकारी तो होगी वरना पेस करे........आपकी बेटी समान जशोदाबेन नरेंद्र मोदी को आप रक्षण देने में नाकाम क्यों ? कोयला आवंटन में भाजपा शाषित राज्यों के मुख्यमंत्री की जिम्मेवारी से पल्ला क्यों झाड रहे हो ? आप नाम से ही क्या भाजपा के वरिष्ठ रह गए है ?...क्या मोदी ने वन्कैया नायडू को जमीन आवंटित की थी या टेंडर से ? आप नहीं जानते ? क्या Gujarat Technical University में सुष्माजी के "बड़े माल" समान जीजा की नियुक्ति राजकीय आवंटन नहीं ? क्या अदानी को दी जा रही जमीन आवंटित नहीं की जाती ? क्या वैब्रांत के नाम से दिए जाते काम आवंटित नहीं किये जाते.....जो कंपनी बंध हो चुकी है  L & T सीमेंट उस के नाम से गुजरात सरकार हर टेंडर में शर्त रखके एनी सीमेंट कंपनी को काम आवंटित नहीं करती ? आप पहेले अपना चहेरा देखिये और बाद में किसी को बदनाम करे.......वरना याद रहे  हर तरह से मुकाबला करना तो हमारा काम रहा है.......

Sunday, 2 September 2012

ગુજરાત ની જનતા ને તમાચા.. જ ...તમાચા.........


છેલ્લા કેટલાક દિવસથી ટી.વી. માધ્યમો અને પ્રિન્ટ મીડિયા દ્વારા કેટલીક જાહેરાતો પ્રજાને ગેરમાર્ગે દોરવા કરાઈ રહી છે.......
સ્વાભાવિક છે વિધાનસભા-૨૦૧૨ ની સામાન્ય ચુંટણી નાં પડઘમ વાગી રહ્યા હોય રોજ આવી જાહેરાતો નું પ્રમાણ વધતું રહેશે......અધિકાર છે સાચી વાતો જનતા સમક્ષ મુકાવવી જ જોઈએ....પરંતુ કમનશીબે આવી જાહેરાતો ની પ્રસિદ્ધિ માટે કોઈ સેન્સર બોર્ડ ન હોવાથી મનફાવે તે વાતો -ખોટી વાતો નું પ્રમાણ વધતું જ રહ્યું છે......
ગુજરાત ને ગેસ ઓછો ફાળવાય છે .......મટન ની નિકાસ ઉપર કોઈ પ્રતિબંધ નહિ અને કપાસ ની નિકાસ ઉપર પ્રતિબંધ ......કેરોસીન ની ઓછી ફાળવણી........
અત્યંત દુર્ભાગ્યપૂર્ણ રીતે "મારા ગુજરાત" ની જનતા નાં નાણે હડહડતું  ખોટું......
વ્યક્તિગત પ્રસિદ્ધિ માટે મોટા મોટા જાહેરાત નાં બોર્ડ.....વિવિધ મુદ્રા માં "રાખી સાવંત"ની હરીફાઈ કરતા મુખ્યમંત્રી ...અવાર નવાર અન્ય રાજ્યો કરતા પોતે મહાન છે ની વાતો.....વડાપ્રધાન બનવાની વાત કરી સસ્તી પ્રસિદ્ધિ.....રાજ્ય ની સમસ્યા ઉપર ધ્યાન આપવાને બદલે કેન્દ્ર સરકાર ની વાતો કરી જનતા ને ગુમરાહ કરવા ની નીતિ......એક મુખ્યમંત્રી સરેઆમ રાષ્ટ્ર નાં વિભાજન જેવી વાતો કરે......રાજ્ય ની જમીનો બાપ ની મિલકત હોય તેમ ખેરાત કરે......વિકાસ નાં નામે વિદેશ પ્રવાસ.....ઇન્ફર્મેશન ટેકનોલોજી નાં યુગ માં માહિતી મેળવવા નાં નામે વિદેશ યાત્રા માટે લાખો નો ધુમાડો.........અને કહેવું કે ગુજરાત ને અન્યાય ?
સી.એન.જી. ગેસ ગુજરાત ને અન્ય રાજ્યો ની સરખામણી એ વધુ મળે છે......ભાવ પણ ઓછા છે....કેન્દ્રીય પેટ્રોલીયમ પ્રધાન ની આંકડા સાથે ની અધિકૃત જાહેરાત પછી કેમ ગુજરાત સરકાર મૌન રહી ?....કોણ કહે છે કપાસ ની નિકાસ ઉપર પ્રતિબંધ છે ? કેરોસીન ગરીબી રેખા નાં આધારે ફાળવણી થાય છે......એક તરફ રાજ્ય નાં વિકાસ ની વાત કરી ગરીબી ઓછી થયા નો દાવો કરનાર સરકાર કયા કાયદા નીચે વધુ કેરોસીન ની માંગણી કરે છે ?
માત્ર જનતા ને ગુમરાહ કરવા "તમાચા" ની જાહેરાતો માટે  તો જનતા જ નાણાં નો વ્યય કરી ચુંટણી પ્રચાર માટે ખોટું બોલવાનો ધર્મ નિભાવી રહી છે આ સરકાર........હકીકતે તો....
શિક્ષણ નું વ્યાપારીકરણ કરી જનતા ને તમાચો માર્યો છે...........ગૌચર ની લ્હાણી કરી ભ્રષ્ટાચાર કરનારે માલધારી સમાજ ને તમાચો માર્યો છે........એસ.ટી.નો પ્રવાસ મોંઘો કરી સામાન્ય જનતા ને તમાચો માર્યો છે.......માંદગી ની સારવાર મોંઘી કરી બીમાર ને તમાચો માર્યો છે......ફીક્ષ પગાર નાં નામે નામદાર ગુજરાત હાઈકોર્ટ નાં આદેશ ને પડકારી બેકારો ને તમાચો માર્યો છે.....વીજળી મોંઘી કરી માધ્યમ વર્ગ ને તમાચો માર્યો છે......પેટ્રોલીયમ પ્રોડક્ટ ઉપર સહુથી વધુ વેટ લઇ યુવાન અને વેપારી સમાજ ને તમાચો માર્યો છે.......બાળકો ગુમ થવા ની ઘટના માં નીસક્રીયતા દાખવી પરિવારો ને તમાચા માર્યા છે......બહેનો ઉપર થતા બળાત્કાર માં કોઈ સલામતી ન દાખવી બહેનો ને તમાચો માર્યો છે.......આદિવાસી ઓ ને તેમની હક્ક ની ખેડાણ માટે ની જમીન ન આપી આદિવાસીઓ ને તમાચો માર્યો છે.....દલિત સમાજ નાં ઉત્થાન તરફ સદંતર ઉપેક્ષા દાખવી તેમને તમાચો માર્યો છે......કિશાનો ને દુષ્કાળ જેવી પરિસ્થિતિ માં સમયસર રાહત ન આપી કિશાનો ને તમાચો માર્યો છે......કર્મચારીઓને છઠ્ઠા પગાર પંચ મુજબ આપવાની થતી રકમ ન આપી તેમને તમાચો માર્યો છે........તમાચાઓ-લાતો-લાઠીઓ અને ગડદાપાતું ખાવાથી કોઈ બાકી રહ્યું છે ખરું ? અને અંતે...........ભાજપા નાં કાર્યકરો જેમના સહારે સત્તા મળી તેમને જેલ માં મોકલી કેટલા તમાચા માર્યા.......
"તમાચા" ની જાહેરાતો નાં તાયફા કરી પોતાની કલંકિત સત્તા અને રાજ ધર્મ નિભાવવાની નિષ્ફળતા ને ઢાંકી મત મેળવવા નાં આ તાયફા એટલે રાજ્ય ની તિજોરી ને અને જનતા ને તમાચો છે.