Controller Of Auditor General.......... CAG ने कोयले खदान की एक रिपोर्ट संसद के सामने पेश की,समझो विरोधपक्ष को कांग्रेस के खिलाफ बोलने का मौक़ा मिल गया.....विरोधपक्ष का धर्म है गलत बातो को उजागर करे....लेकिन संसदीय मर्यादा में, संसदीय कानून के तहत.....
कल तक अन्ना हजारे या रामदेव का असफल रहा आंदोलन जब संसदीय कानून और संविधान के खिलाफ बात कर रहा था सभी पार्टिया संसद में विरोध कर रही थी.......
क्या CAG रिपोर्ट पर हंगामा संसद का अपमान नहीं ?
CAG रिपोर्ट पर कानूनन कुछ भी करना असंभव है वह जानकारी विरोधपक्ष नहीं जानता ?
संसदीय कानून के मुताबिक़ CAG की रिपोर्ट अब संसद की Public Accounts Committee (PAC) को सुप्रद होगी....PAC के अध्यक्ष विरोधपक्ष से होता है......आज भाजपा के श्री मुरली मनोहर जोशी अध्यक्ष है......PAC इस रिपोर्ट की तहिकिकात करने के बाद अपना आहेवाल संसद के सामने पेश करेगी और इस के बाद संसद में बहस होगी......उस वक्त सही बाते सामने आएगी........
अगर अन्ना संसद को बहार से अपमानित करे.......
अगर रामदेव फुटपाथ से संसद की गरिमा पर धब्बा लगाये......तो क्या....
विरोधपक्ष संसद में बैठकर ही संसद के कानून की धज्जिया उड़ाकर लोकतंत्र को कलंकित नहीं कर रहा.?.....
अन्ना-रामदेव- का चहेरा भाजपा ही था वह आज दिखाई दे रहा है.........
गुजरात-कर्नाटका के बारे में CAG रिपोर्ट पर भाजपा चुप क्यों है ?
कोयला खदान में राज्यों के प्रतिभाव क्यों नजर अंदाज करने चला है भाजपा ? क्या राज्यों की सत्ता भाजपा की है ?.......बकवास करने में मशहूर जुठ का शहेनशाह मोदी क्या एस्सार-अदाणी-टाटा और अंबानी को बचाने लगे हुए है......
सिर्फ जनता को गुमराह करने लगे हुवे राजकीय पार्टिया संसद का समय बिगाडकर देश को नुकशान करने तुले हुवे है........
डॉ.मनमोहनसिंह जैसे व्यक्ति की छबी बिगाडने से क्या देश को फ़ायदा होगा ? प्रधानमंत्री अगर गलत कार्यवाही से जुड़े हो वह बात सही मायने में सामने आने पर विरोधपक्ष की कार्यवाही स्वीकृत है......लेकिन....
आयने में अपना चहेरा न देखनेवाले कुछ चंद लोग पहेले अपने गरिमा में झाखे.....दूसरों को गलत तरीके से बदनाम करना बहुत आसान है.....लेकिन राष्ट्र को बनाना अत्यंत गंभीर है.......
कल तक अन्ना हजारे या रामदेव का असफल रहा आंदोलन जब संसदीय कानून और संविधान के खिलाफ बात कर रहा था सभी पार्टिया संसद में विरोध कर रही थी.......
क्या CAG रिपोर्ट पर हंगामा संसद का अपमान नहीं ?
CAG रिपोर्ट पर कानूनन कुछ भी करना असंभव है वह जानकारी विरोधपक्ष नहीं जानता ?
संसदीय कानून के मुताबिक़ CAG की रिपोर्ट अब संसद की Public Accounts Committee (PAC) को सुप्रद होगी....PAC के अध्यक्ष विरोधपक्ष से होता है......आज भाजपा के श्री मुरली मनोहर जोशी अध्यक्ष है......PAC इस रिपोर्ट की तहिकिकात करने के बाद अपना आहेवाल संसद के सामने पेश करेगी और इस के बाद संसद में बहस होगी......उस वक्त सही बाते सामने आएगी........
अगर अन्ना संसद को बहार से अपमानित करे.......
अगर रामदेव फुटपाथ से संसद की गरिमा पर धब्बा लगाये......तो क्या....
विरोधपक्ष संसद में बैठकर ही संसद के कानून की धज्जिया उड़ाकर लोकतंत्र को कलंकित नहीं कर रहा.?.....
अन्ना-रामदेव- का चहेरा भाजपा ही था वह आज दिखाई दे रहा है.........
गुजरात-कर्नाटका के बारे में CAG रिपोर्ट पर भाजपा चुप क्यों है ?
कोयला खदान में राज्यों के प्रतिभाव क्यों नजर अंदाज करने चला है भाजपा ? क्या राज्यों की सत्ता भाजपा की है ?.......बकवास करने में मशहूर जुठ का शहेनशाह मोदी क्या एस्सार-अदाणी-टाटा और अंबानी को बचाने लगे हुए है......
सिर्फ जनता को गुमराह करने लगे हुवे राजकीय पार्टिया संसद का समय बिगाडकर देश को नुकशान करने तुले हुवे है........
डॉ.मनमोहनसिंह जैसे व्यक्ति की छबी बिगाडने से क्या देश को फ़ायदा होगा ? प्रधानमंत्री अगर गलत कार्यवाही से जुड़े हो वह बात सही मायने में सामने आने पर विरोधपक्ष की कार्यवाही स्वीकृत है......लेकिन....
आयने में अपना चहेरा न देखनेवाले कुछ चंद लोग पहेले अपने गरिमा में झाखे.....दूसरों को गलत तरीके से बदनाम करना बहुत आसान है.....लेकिन राष्ट्र को बनाना अत्यंत गंभीर है.......
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