इल्जाम लगाना मेरा कर्तव्य है.......
जुठ बोलना मेरा धर्म है........
जनता को गुमराह करने में माहिर बनना ही तो विकास है.......
मैंने करोडो रुपये की जमीन अदाणी को खेरात कर दी.......जनता का या राज्य का नुकशान हो मै मझबुर हू........मै ने राहेजा बिल्डर्स (मुंबई) को मुफ्त के भाव में जमीन दी,मै मेरा विकास चाहता था......मै ने एस्सार ग्रुप को टेक्ष में सवलियत दी तो क्या, दोस्ती निभाई....रिलायंस को सवलियत तो देनी ही थी वह मै ने किया तो क्या गलत किया....ICICI बेंक को सरकारी जमीन दी अब उसे नहीं जरुरी तो और कोई सही....टाटा को तो मै ने गुजरात में लुट का परवाना दे रखा है.........
मै जापान जाऊ....चायना जाऊ.....चाहे कही भी जाऊ किस बात का हिसाब ?
अमेरिका मुझे विझा न दे तो मै अपने आप को प्रसिध्ध करने वीडियो कोंनफरंस के जरिये कितना भी खर्च करू आप कौन होते है मुझे पुछनेवाले ?
वाईब्रंट के नाम से मै विदेश के नागरिको को गुजरात में Investment के लिये निमंत्रित करता हू लेकिन FDI का विरोध करके मै अपनी पार्टी की सेवा करता हू.....MOU गलत करवाता रहेता हू लेकिन विकास के नाम से बड़े बड़े आंकड़े प्रसिध्ध करता रहेता हू......
राम के नाम से सत्ता प्राप्त करवाना मेरा ही एजंडा था, बाबरी ध्वंस तो आवश्यक थी......सत्ता मिली राम को भूल गये.....गुजरात में दंगे करवाये फिर सद्भावना करने निकल पड़ा.......चुनाव की घोषणा होते ही मै ने अपने कार्यकर के माध्यम से अहमदाबाद को कोमी रंग से रंग दिया......मै क्या करू ....मै तो जो करना है करता रहेता हू, अब मतदाता को यह पत्ता नहीं की मै कौन हू ?
न तो मैंने नर्मदा का पानी किशानो को दिया.....न तो मै ने पर्याप्त बिजली उपलब्ध करवाई, और किसानो ने बिजली प्राप्त करके खेती को बर्बाद होने से रोकने का प्रयास किया मै ने उसे जेल में डाल दिया........
मेरे कई साथी जेल में गये.....मेरी सुरक्षा के नाम से कार्यरत पुलिस अधिकारी भी जेल में बंध है लेकिन मेरी सत्ता तो बनी रही.......बच्चो की या महिला ओ की सुरक्षा तो मै कर नहीं सका.....
बड़ी बड़ी बाते करता रहेता हू....जो करना ही नहीं वह बताता रहेता हू.....भारत सरकार के सहयोग से जो काम होते रहेते है उसे मेरी नाजायास औलाद बना लेता हू.......
जनता बेचारी क्या करे, मै कलाकार बनके अलग अलग लिबास में दर्शन देता रहेता हू, जूठे वादे करता रहेता हू....धर्म के नाम से उक्षाता रहेता हू.....किसी की भी उपलब्धियो को मेरी बना लेता हू.....सरकारी तिजोरी से अपना काम करता रहेता हू.....सरकारी कर्मचारी को तनखा देने के पैसे नहीं, उसे जीवन निर्वाह के लिये जो मुसीबते झेलनी पड़ती है वो मुसीबतों का मै ने तो अहेसास भी नहीं किया फिर मुझे क्यों फ़िक्र......
गुजरात को तो बर्बाद किया अब देश को बर्बाद करने के सपने आते रहेते है......अब मै क्या करू.........
अब तो पहेचाना मुझे ? एक दरिद्र ....महा दरिद्र जो मत बंटोर ने चला......दिखावे में आपका लेकिन मै खुद का.......२०११ -२०१२ का नोबल पुरष्कार "वैज्ञानिक तरीके से जुठ ".....मेरा ही है.........
राजकीय डॉन बनने निकला था......जनता ने मुझे मेरा सही स्थान दिखा ही दिया ....अब मै क्या करू ????
जुठ बोलना मेरा धर्म है........
जनता को गुमराह करने में माहिर बनना ही तो विकास है.......
मैंने करोडो रुपये की जमीन अदाणी को खेरात कर दी.......जनता का या राज्य का नुकशान हो मै मझबुर हू........मै ने राहेजा बिल्डर्स (मुंबई) को मुफ्त के भाव में जमीन दी,मै मेरा विकास चाहता था......मै ने एस्सार ग्रुप को टेक्ष में सवलियत दी तो क्या, दोस्ती निभाई....रिलायंस को सवलियत तो देनी ही थी वह मै ने किया तो क्या गलत किया....ICICI बेंक को सरकारी जमीन दी अब उसे नहीं जरुरी तो और कोई सही....टाटा को तो मै ने गुजरात में लुट का परवाना दे रखा है.........
मै जापान जाऊ....चायना जाऊ.....चाहे कही भी जाऊ किस बात का हिसाब ?
अमेरिका मुझे विझा न दे तो मै अपने आप को प्रसिध्ध करने वीडियो कोंनफरंस के जरिये कितना भी खर्च करू आप कौन होते है मुझे पुछनेवाले ?
वाईब्रंट के नाम से मै विदेश के नागरिको को गुजरात में Investment के लिये निमंत्रित करता हू लेकिन FDI का विरोध करके मै अपनी पार्टी की सेवा करता हू.....MOU गलत करवाता रहेता हू लेकिन विकास के नाम से बड़े बड़े आंकड़े प्रसिध्ध करता रहेता हू......
राम के नाम से सत्ता प्राप्त करवाना मेरा ही एजंडा था, बाबरी ध्वंस तो आवश्यक थी......सत्ता मिली राम को भूल गये.....गुजरात में दंगे करवाये फिर सद्भावना करने निकल पड़ा.......चुनाव की घोषणा होते ही मै ने अपने कार्यकर के माध्यम से अहमदाबाद को कोमी रंग से रंग दिया......मै क्या करू ....मै तो जो करना है करता रहेता हू, अब मतदाता को यह पत्ता नहीं की मै कौन हू ?
न तो मैंने नर्मदा का पानी किशानो को दिया.....न तो मै ने पर्याप्त बिजली उपलब्ध करवाई, और किसानो ने बिजली प्राप्त करके खेती को बर्बाद होने से रोकने का प्रयास किया मै ने उसे जेल में डाल दिया........
मेरे कई साथी जेल में गये.....मेरी सुरक्षा के नाम से कार्यरत पुलिस अधिकारी भी जेल में बंध है लेकिन मेरी सत्ता तो बनी रही.......बच्चो की या महिला ओ की सुरक्षा तो मै कर नहीं सका.....
बड़ी बड़ी बाते करता रहेता हू....जो करना ही नहीं वह बताता रहेता हू.....भारत सरकार के सहयोग से जो काम होते रहेते है उसे मेरी नाजायास औलाद बना लेता हू.......
जनता बेचारी क्या करे, मै कलाकार बनके अलग अलग लिबास में दर्शन देता रहेता हू, जूठे वादे करता रहेता हू....धर्म के नाम से उक्षाता रहेता हू.....किसी की भी उपलब्धियो को मेरी बना लेता हू.....सरकारी तिजोरी से अपना काम करता रहेता हू.....सरकारी कर्मचारी को तनखा देने के पैसे नहीं, उसे जीवन निर्वाह के लिये जो मुसीबते झेलनी पड़ती है वो मुसीबतों का मै ने तो अहेसास भी नहीं किया फिर मुझे क्यों फ़िक्र......
गुजरात को तो बर्बाद किया अब देश को बर्बाद करने के सपने आते रहेते है......अब मै क्या करू.........
अब तो पहेचाना मुझे ? एक दरिद्र ....महा दरिद्र जो मत बंटोर ने चला......दिखावे में आपका लेकिन मै खुद का.......२०११ -२०१२ का नोबल पुरष्कार "वैज्ञानिक तरीके से जुठ ".....मेरा ही है.........
राजकीय डॉन बनने निकला था......जनता ने मुझे मेरा सही स्थान दिखा ही दिया ....अब मै क्या करू ????
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