बड़े जोर से कहेते थे........
अहमदाबाद का असली नाम अमदावाद है...........
और हम इसे "कर्णावती"के नाम की अलग पहेचान देंगे.........
NDA का शाशन काल ख़त्म हुवा लेकिन हिन्दुवाद को फैलावा देने वाले भाजपा इसे कर्णावती नहीं बना सके.........
मद्रास चेन्नई हुवा.......और बहुत सारे नाम इतिहास को नजर में रखते हुवे बदला गया.......
बड़े जोर से चिल्लाने वाले मोदी कुछ नहीं कर पाया.......लघुमतीओ की ह्त्या और हिन्दुवाद से सत्ता प्राप्त की.....समय आने पर सद्भावना की नौटंकी की......
स्थानीय चुनाव आने पर अपने आप अहमदाबाद को कर्णावती का नामाभिधान कर दिया.....
नहीं चली , वो तो मत बटोर ने का दिखावा था.......
अहमदाबाद तो अहमदाबाद ही बना रहा.......अपनी भ्रष्ट सरकार-अपनी कोमवादी सरकार बनी लेकिन भूल गए कर्णावती का वादा......
बाबरी ध्वंस की.....राम को भूल गए.......
लघुमतीओ की ह्त्या.....और हिन्दू सलाखों के पीछे.....
भक्षक से बचने रक्षक रखे......और रक्षक हवालात में.......
साथिओ से काम करवाया.......और साथी ओ को सत्ता त्याग नि पड़ी......
पार्टी के सितारों को गर्दिश में डाल दिया.....कुछ तो आज "स्व-धाम" चले गए............................और अब भोकने लगा यह कोमवादी सर्मुख्त्यार शाशक......
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुजरात के सांसद के लिए........श्री अहमद भाई पटेल के लिए.......................अहमद भाई वर्तमान है,शहर बसाने वाला इतिहास है. वर्तमानको इतिहास और भूगोल की जानकारी अवश्य है.......लेकिन आपने तो कर्णावती नहीं बनाया पहेले इस बात का जवाब दो.........न हम कभी कहेंगे- न हमने कभी कहा है, हम संस्कृति का सम्मान करना जानते है, अहमदशाह बादशाह ने कुत्तो द्वारा निस:हाय की ह्त्या के आभाष से अहमदाबाद बसाया ......लेकिन कहा है कर्णावती ?....................
सयम-शिस्त-शालीनता-संस्कार और संस्कृति की सीमा लांघ ने से पहेले सोचो "मोदी".....नतीजे क्या होगा...........
अहमदाबाद का असली नाम अमदावाद है...........
और हम इसे "कर्णावती"के नाम की अलग पहेचान देंगे.........
NDA का शाशन काल ख़त्म हुवा लेकिन हिन्दुवाद को फैलावा देने वाले भाजपा इसे कर्णावती नहीं बना सके.........
मद्रास चेन्नई हुवा.......और बहुत सारे नाम इतिहास को नजर में रखते हुवे बदला गया.......
बड़े जोर से चिल्लाने वाले मोदी कुछ नहीं कर पाया.......लघुमतीओ की ह्त्या और हिन्दुवाद से सत्ता प्राप्त की.....समय आने पर सद्भावना की नौटंकी की......
स्थानीय चुनाव आने पर अपने आप अहमदाबाद को कर्णावती का नामाभिधान कर दिया.....
नहीं चली , वो तो मत बटोर ने का दिखावा था.......
अहमदाबाद तो अहमदाबाद ही बना रहा.......अपनी भ्रष्ट सरकार-अपनी कोमवादी सरकार बनी लेकिन भूल गए कर्णावती का वादा......
बाबरी ध्वंस की.....राम को भूल गए.......
लघुमतीओ की ह्त्या.....और हिन्दू सलाखों के पीछे.....
भक्षक से बचने रक्षक रखे......और रक्षक हवालात में.......
साथिओ से काम करवाया.......और साथी ओ को सत्ता त्याग नि पड़ी......
पार्टी के सितारों को गर्दिश में डाल दिया.....कुछ तो आज "स्व-धाम" चले गए............................और अब भोकने लगा यह कोमवादी सर्मुख्त्यार शाशक......
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुजरात के सांसद के लिए........श्री अहमद भाई पटेल के लिए.......................अहमद भाई वर्तमान है,शहर बसाने वाला इतिहास है. वर्तमानको इतिहास और भूगोल की जानकारी अवश्य है.......लेकिन आपने तो कर्णावती नहीं बनाया पहेले इस बात का जवाब दो.........न हम कभी कहेंगे- न हमने कभी कहा है, हम संस्कृति का सम्मान करना जानते है, अहमदशाह बादशाह ने कुत्तो द्वारा निस:हाय की ह्त्या के आभाष से अहमदाबाद बसाया ......लेकिन कहा है कर्णावती ?....................
सयम-शिस्त-शालीनता-संस्कार और संस्कृति की सीमा लांघ ने से पहेले सोचो "मोदी".....नतीजे क्या होगा...........
SAHI KAHA
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