क्या राजनीति तबाह करेगी हिन्दुस्तान की ऐकता.....................
कुछ दिनों से आसाम शे जली चिनगारी मुबई होते हुए बेंगलोर-हैदराबाद-पुणे-नाशिक होते हुवे नागपुर जा पहोंची है.....क्या हमने इसी नजरिया से राष्ट्र को देखा है ? राष्ट्र को एक अखंडित बनाने के लिये सरदार पटेल या महात्मा गांधी को भूल चुके है ? देश को आझाद बनाने के लिये शहीदों की शहादत को भूल चुके है ? शहीद इंदिराजी और राजिव जी के बलिदान की यादे मिट चुकी है ?
आसाम में अल्पसंख्यक परिवार को निशाना बनाना या मुंबई में अल्पसंख्यको द्वारा धार्मिक संगठन के रूप में हिंसक प्रदर्शन करना ही हमारा काम है ?
गुजरात में २००२ से शरू हुई यह धर्मकरण की राजनीति जहा राजधर्म नहीं निभाया गया वही बात अब आगे चलती रहेगी ?
सत्ता की राजनीति के लिये क्या यह एक ही मार्ग बचा है ?
क्या सभी राजनीतिक पार्टिया एकता से अपने आप की जिम्मेवारी नहीं समझते ?
एक गंभीर मसला......
उत्तर-पूर्वी राज्य के कई परिवार-युवान-युवती आज देश के कई हिस्सोसे आसाम की और भाग रहे है.....कोई शिक्षा छोड कर....कोई रोजगार छोड कर....सिर्फ अफवा ???
नहीं.....यह सिर्फ अफवा नहीं हो शकती, यह किसी की मनसा है......चाहे वह हिदुस्तान से चाहे वह विदेश से.....
MMS-SMS-SOCIAL NETWORKING.......कौन चला रहा है.....इंसान ही ? इसान के रूप में हेवान की हेवानियत कब तक बर्दास्त करे ?
क्या अफवा के नाम से.....क्या Social Networking-MMS -SMS के नाम से हम बचना चाहते है ? अवाम के दिलो में यह कोमवाद की बाते उठने की वजह क्या ? अल्पसंख्यक हिदुस्तान में अगर दिल में गभाराहट महेसुस करते है तो दूसरे देशो के अल्पसंख्यक की जबान से अटारी रेलवे स्टेशन पर भी हम शुन रहे है उनकी गभाराहट ......हम सौचने के लिये क्या तैयार नहीं ?
क्या धर्म के नाम पर दंगा ही हमारा मक्षद है.....सिर्फ मत की राजनीति......कोई गम नहीं हमें......कहा जा रहे है हम....कहा ले जा रहे है हम देश को........
राजनीति में लगे सत्ता के भिखारी की यही मनसा हमें मंजूर है........चलो पहेचाने उसे जो जनता का दिल नहीं जित सके वो सत्ता के लिये धर्म के शहारे जनता को मजबूर बना रहे है......
चाहे तुम कही भी हो आसाम में हो या राष्ट्र के किसी भी हिस्से में बेंगलोर-हैदराबाद-पुणे-नाशिक-नागपुर हो या मुंबई याद रहे हम आपके है, आप हमारे हो.......सावधानी से मक्कमता से लेकिन जहा हो वही रहो.......पूरा देश आपके साथ है......चंद कोमवादी नेताओं का मक्षद असफल बनाने देश आपका सहयोग चाहता है.........
कुछ दिनों से आसाम शे जली चिनगारी मुबई होते हुए बेंगलोर-हैदराबाद-पुणे-नाशिक होते हुवे नागपुर जा पहोंची है.....क्या हमने इसी नजरिया से राष्ट्र को देखा है ? राष्ट्र को एक अखंडित बनाने के लिये सरदार पटेल या महात्मा गांधी को भूल चुके है ? देश को आझाद बनाने के लिये शहीदों की शहादत को भूल चुके है ? शहीद इंदिराजी और राजिव जी के बलिदान की यादे मिट चुकी है ?
आसाम में अल्पसंख्यक परिवार को निशाना बनाना या मुंबई में अल्पसंख्यको द्वारा धार्मिक संगठन के रूप में हिंसक प्रदर्शन करना ही हमारा काम है ?
गुजरात में २००२ से शरू हुई यह धर्मकरण की राजनीति जहा राजधर्म नहीं निभाया गया वही बात अब आगे चलती रहेगी ?
सत्ता की राजनीति के लिये क्या यह एक ही मार्ग बचा है ?
क्या सभी राजनीतिक पार्टिया एकता से अपने आप की जिम्मेवारी नहीं समझते ?
एक गंभीर मसला......
उत्तर-पूर्वी राज्य के कई परिवार-युवान-युवती आज देश के कई हिस्सोसे आसाम की और भाग रहे है.....कोई शिक्षा छोड कर....कोई रोजगार छोड कर....सिर्फ अफवा ???
नहीं.....यह सिर्फ अफवा नहीं हो शकती, यह किसी की मनसा है......चाहे वह हिदुस्तान से चाहे वह विदेश से.....
MMS-SMS-SOCIAL NETWORKING.......कौन चला रहा है.....इंसान ही ? इसान के रूप में हेवान की हेवानियत कब तक बर्दास्त करे ?
क्या अफवा के नाम से.....क्या Social Networking-MMS -SMS के नाम से हम बचना चाहते है ? अवाम के दिलो में यह कोमवाद की बाते उठने की वजह क्या ? अल्पसंख्यक हिदुस्तान में अगर दिल में गभाराहट महेसुस करते है तो दूसरे देशो के अल्पसंख्यक की जबान से अटारी रेलवे स्टेशन पर भी हम शुन रहे है उनकी गभाराहट ......हम सौचने के लिये क्या तैयार नहीं ?
क्या धर्म के नाम पर दंगा ही हमारा मक्षद है.....सिर्फ मत की राजनीति......कोई गम नहीं हमें......कहा जा रहे है हम....कहा ले जा रहे है हम देश को........
राजनीति में लगे सत्ता के भिखारी की यही मनसा हमें मंजूर है........चलो पहेचाने उसे जो जनता का दिल नहीं जित सके वो सत्ता के लिये धर्म के शहारे जनता को मजबूर बना रहे है......
चाहे तुम कही भी हो आसाम में हो या राष्ट्र के किसी भी हिस्से में बेंगलोर-हैदराबाद-पुणे-नाशिक-नागपुर हो या मुंबई याद रहे हम आपके है, आप हमारे हो.......सावधानी से मक्कमता से लेकिन जहा हो वही रहो.......पूरा देश आपके साथ है......चंद कोमवादी नेताओं का मक्षद असफल बनाने देश आपका सहयोग चाहता है.........
hamko desh bachana hoga..
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